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अकेले बुजुर्गों का सहारा बनी हरिद्वार पुलिस।
Nepal Giri//Police Action News// Haridwar
खाकी का एक रूप कानून-व्यवस्था संभालने वाला है, तो दूसरा रूप इंसानियत और संवेदनाओं से भरा हुआ भी है। कनखल क्षेत्र में हरिद्वार पुलिस ने एक बार फिर अपनी संवेदनशील कार्यशैली का परिचय देते हुए अकेले रह रहे वरिष्ठ नागरिकों की कुशलक्षेम जानने की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाई है।
एसएसपी हरिद्वार के निर्देश पर कनखल पुलिस द्वारा क्षेत्र में अकेले निवास कर रहे 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों की जानकारी जुटाकर उनका रजिस्टर तैयार किया गया है। ऐसे वरिष्ठ नागरिक, जिनके बच्चे देश-विदेश में नौकरी या व्यवसाय के कारण दूर रहते हैं, उनके घर-घर जाकर पुलिसकर्मी हालचाल पूछ रहे हैं और उनकी समस्याओं को जानकर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं।
यह पहल केवल पुलिस की ड्यूटी नहीं, बल्कि मानवीय रिश्तों की खूबसूरत मिसाल बनकर सामने आई है। जब पुलिसकर्मी बुजुर्गों के दरवाजे पर पहुंचकर पूछते हैं— “कोई परेशानी तो नहीं है?”—तो अकेलेपन से जूझ रहे बुजुर्गों को एक अलग ही अपनापन महसूस होता है।
पुलिस को अपने घर के दरवाजे पर देखकर कई वरिष्ठ नागरिक भावुक हो उठे। उनका कहना था— “हम अकेले थे, लेकिन अब लगता है कि किसी को हमारी भी फिक्र है।”
कोविड-19 के कठिन दौर की तरह ही कनखल पुलिस द्वारा वरिष्ठ नागरिकों की नियमित निगरानी और उनकी समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई का यह प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय है। यह पहल बताती है कि पुलिस केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाली संस्था नहीं, बल्कि मुश्किल समय में समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग का सहारा बनने वाली संवेदनशील शक्ति भी है।
- हरिद्वार पुलिस की यह पहल उन बुजुर्गों के लिए भरोसे की किरण है, जिनके अपने उनसे दूर हैं। सच ही कहा जाए तो जहां अपनों की दूरी महसूस होती है, वहां खाकी का यह अपनापन रिश्तों की कमी को कुछ हद तक पूरा करने का काम कर रहा है।

