पड़ोसी को रास्ते में घेरकर पिटवाने की साजिश बेनकाब—रानीपुर पुलिस ने 4 आरोपियों को दबोचा, दो बाइक बरामद
ऑपरेशन प्रहार का प्रहार!
थाना प्रभारी मनोहर सिंह भण्डारी की अगुवाई में CCTV से खुली वारदात की पूरी कहानी
हरिद्वार-
अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत कोतवाली रानीपुर पुलिस ने एक ऐसी वारदात का पर्दाफाश किया है, जिसमें आपसी रंजिश को अंजाम देने के लिए युवकों को कथित तौर पर पैसे और नौकरी का लालच देकर पड़ोसी को रास्ते में रोककर पीटने और डराने-धमकाने की साजिश रची गई थी।
थाना प्रभारी मनोहर सिंह भण्डारी के कुशल नेतृत्व और पुलिस टीम की लगातार मेहनत का नतीजा रहा कि करीब तीन सप्ताह पुरानी इस वारदात में पुलिस ने CCTV फुटेज और सुरागरसी-पतारसी के सहारे चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलें भी बरामद की हैं।
ड्यूटी जाते वक्त घेरा, लाठी-डंडों और बेल्ट से हमला
घटना 13 अगस्त 2026 की सुबह की है। शिवालिक नगर निवासी मोहित चौधरी, जो BHEL में ड्यूटी के लिए जा रहे थे, को सेक्टर-5 बी खोखा मार्केट के पास दो मोटरसाइकिलों पर सवार पांच युवकों ने कथित तौर पर घेर लिया।
आरोप है कि युवकों ने मोहित के साथ गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों और बेल्ट से मारपीट की तथा पांच लाख रुपये देने और जान से मारने की धमकी दी। घटना के संबंध में कोतवाली रानीपुर में मु0अ0सं0 284/26 दर्ज किया गया।
CCTV बना पुलिस का सबसे बड़ा सुराग
मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिंह भण्डारी ने पुलिस टीम को आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगाया। टीम ने घटनास्थल एवं आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और संदिग्धों की गतिविधियों को जोड़ते हुए उनकी पहचान एवं तलाश शुरू की।
लगातार प्रयास, सटीक निगरानी और धरपकड़ की रणनीति ने आखिरकार पुलिस को सफलता दिलाई।
04 सितंबर 2026 को पुलिस टीम ने न्यू टिहरी विस्थापित आर्मी ग्राउंड, गुजर बस्ती से चार आरोपियों को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरविंदर सिंह उर्फ बाबी उर्फ पहलवान, आकाश, ऋषभ और हिमांशु के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त HF Deluxe और Splendor मोटरसाइकिल बरामद की।
पूछताछ में सामने आया साजिश का पूरा खेल
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि उनके एक परिचित ने उन्हें सिडकुल में नौकरी लगवाने और रोशनाबाद में सब्जी की ठेली लगवाने का लालच देकर मोहित के पड़ोसी संदीप वर्मा से मिलवाया था।
पुलिस के अनुसार, संदीप वर्मा का मोहित से पहले से विवाद था। आरोपियों को कथित तौर पर बताया गया कि मोहित ने उसकी बेटी से छेड़छाड़ की है और उसे ड्यूटी जाते समय रास्ते में रोककर पीटकर डराना-धमकाना है। इसके लिए आरोपियों को खर्चे के नाम पर 3,000 रुपये नकद दिए गए।
इसके बाद 13 अगस्त की सुबह आरोपियों ने मोटरसाइकिलों से मोहित का पीछा किया। सेक्टर-05 खोखा मार्केट BHEL के पास सुनसान स्थान देखकर उन्होंने मोहित की बुलेट मोटरसाइकिल को आगे निकलकर रोक लिया और कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, उसकी बुलेट की चाबी निकालकर जंगल में फेंक दी और मौके से फरार हो गए।
मनोहर सिंह भण्डारी की रणनीति ने दिलाई सफलता
पूरे घटनाक्रम में प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिंह भण्डारी की सक्रिय निगरानी और टीम को लगातार दिशा-निर्देशन खास तौर पर सामने आया। वारदात के बाद आरोपियों की पहचान आसान नहीं थी, लेकिन पुलिस ने CCTV फुटेज, स्थानीय स्तर पर सुरागरसी-पतारसी और लगातार दबिशों के जरिए संदिग्धों तक पहुंच बनाई।
रानीपुर पुलिस की यह कार्रवाई एक बार फिर स्पष्ट करती है कि अपराधी वारदात के बाद कितना भी बचने का प्रयास करें, कानून की नजर से लंबे समय तक बच नहीं सकते।
चारों आरोपियों के विरुद्ध अग्रिम वैधानिक कार्यवाही जारी है तथा प्रकरण में शामिल अन्य व्यक्ति के संबंध में भी पुलिस जांच आगे बढ़ा रही है।
गिरफ्तार आरोपी
1. हरविंदर सिंह उर्फ बाबी उर्फ पहलवान पुत्र कुलदीप सिंह, निवासी ग्राम मौजमपुर सदात, थाना नजीबाबाद।