-दादूपुर गोविंदपुर में कबाड़ खानों में लगी भीषण आग ने छः कबाड़ खानों को जलाकर खाक कर दिया।
-तड़के लगभग 3:00 बजे लगी कबाड़ खानों में आग पर अग्निशमन विभाग की 36 लोगो की टीम ने 12 घंटे की मशक्कत से कुछ हद तक आग पर काबू पाया।
-रिहायशी इलाके में बने कबाड़ खानों मे भारी मात्रा मे स्क्रैब जलकर खाक हुआ। गनीमत रही की किसी की जान नहीं गई।
-भीषण आग से रिहायशी इलाकों मे को हो सकता था बड़ा हादसा।
-आग इतनी भीषण थी कि 70 पानी की गाड़ियों से भी नहीं भुजी।
-बड़ी लापरवाही के चलते हुआ इतना बड़ा हादसा।
-अग्निकांड से रिहायशी इलाकों में दहशत का माहौल।
-रिहायशी इलाकों में क्यों दी जाती है, कबाड़ खाने चलाने की परमिशन?
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हरिद्वार – हरिद्वार के दादूपुर-गोविंदपुर में भीषण आग का मंजर फिर से देखने को मिला अग्निकांड इतना भयंकर था कि 6 कबाड़ खाने जलकर पूरी तरह से खाक हो गए। यह अग्निकांड तड़के लगभग 3:00 बजे हुआ। जैसे ही अग्निशमन विभाग को इसकी खबर लगी 36 लोगों की टीम ने आग पर लगभग 70 पानी की गाड़ियों से आग पर काबू पाने का पूरा प्रयास किया टीम ने 12 घंटे की कडी मशक्कत से कुछ हद तक आग पर काबू पाया। लेकिन कबड़खाने पूरी तरह से जलकर खाक हो गये। यह कबाड़ खाने रिहायशी इलाकों में बने हैं। जिसे रियासी इलाके भी इसकी आगोश में आ सकते थे। गनीमत रही की किसी की जान नहीं गई। इस अग्निकांड से रिहायशी इलाकों में दहशत का माहौल बन गया है। अब सवाल यह है कि, रिहायशी इलाकों में आखिर क्यों दी जाती है, कबाड़ खाने चलाने की परमिशन? मौके पर मौजूद फायर स्टेशन ऑफीसर ने बताया कि समय-समय पर कबाड़ खाना मालिकों को चेताया गया था। लेकिन काबाड खाना मालिको ने चेतावनी को अनदेखा किया। जिस लापरवाही के चलते यह अग्निकांड हुआ। कबाड़ खाना मालिकों को अग्नि से बचाव के लिए दिशा- निर्देश भी समय-समय पर दिए गए।
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