हरिद्वार-लक्सर हाईवे परियोजना: 23 गांवों में जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक, भूमाफियाओं पर कसेगा शिकंजा
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हरिद्वार-लक्सर हाईवे परियोजना: 23 गांवों में जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक, भूमाफियाओं पर कसेगा शिकंजा
हरिद्वार-लक्सर हाईवे परियोजना: 23 गांवों में जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक, भूमाफियाओं पर कसेगा शिकंजा
एनएच-334ए चौड़ीकरण के लिए प्रशासन का बड़ा फैसला, रजिस्ट्री, बैनामा और लैंड यूज चेंज पर अस्थायी प्रतिबंध
हरिद्वार।
NEPAL GIRI// POLICE ACTION NEWS
राष्ट्रीय राजमार्ग-334ए (पुरकाजी–लक्सर–हरिद्वार) के चौड़ीकरण कार्य को गति देने के लिए हरिद्वार जिला प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी और विवादमुक्त बनाने के उद्देश्य से हरिद्वार और लक्सर तहसील के 23 गांवों में कृषि भूमि की खरीद-फरोख्त, रजिस्ट्री, बैनामा, लैंड यूज परिवर्तन तथा भूमि की प्रकृति में बदलाव पर अस्थायी रोक लगा दी गई है।
यह आदेश राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 की धारा 3ए के तहत जारी किया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह प्रतिबंध केवल भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने तक प्रभावी रहेगा।
भूमाफियाओं की गतिविधियों पर लगेगी लगाम
बड़ी सड़क और विकास परियोजनाओं की घोषणा के बाद अक्सर संबंधित क्षेत्रों में जमीनों की कीमतों में अचानक वृद्धि हो जाती है। ऐसे अवसरों का लाभ उठाकर भूमाफिया किसानों से कम कीमत पर भूमि खरीद लेते हैं और बाद में ऊंचे दामों पर बेचकर भारी मुनाफा कमाते हैं।
इस बार जिला प्रशासन ने समय रहते कदम उठाकर इस तरह की अनियमित खरीद-फरोख्त और संभावित धोखाधड़ी पर रोक लगाने की पहल की है, ताकि किसानों के हित सुरक्षित रह सकें और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से पूरी हो।
जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई कार्रवाई
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर जारी इस आदेश के संबंध में एडीएम वैभव गुप्ता ने बताया कि एनएच-334ए परियोजना राज्य और क्षेत्र के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भूमि अधिग्रहण के दौरान किसी भी प्रकार के विवाद, अवैध लेन-देन या लैंड यूज परिवर्तन को रोकने के उद्देश्य से यह अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावित किसानों और भू-स्वामियों के वैधानिक अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे तथा उन्हें नियमानुसार मुआवजा और अन्य सभी लाभ प्रदान किए जाएंगे।
इन 23 गांवों में लागू रहेगा प्रतिबंध हरिद्वार तहसील के 18 गांव टिक्कमपुर मोहम्मदपुर कुन्हारी जसोधरपुर बादशाहपुर शेरपुर भट्टीपुर बाणगंगा नंबर-2 धमोली उर्फ खेरवाला शाहपुर शीतलाखेड़ा भवानीपुर जमालपुर मुस्तफाबाद पदार्थ उर्फ धनपुरा फेरुपुर रामखेड़ा कटारपुर अलीपुर किशनपुर जियापोता नूरपुर पंजनहेड़ी जमालपुर कला मिस्सरपुर मुस्तहकम एवं जगजीतपुर लक्सर तहसील के 5 गांव फिदाईपुर सुल्तानपुर आदमपुर पुंडरीपुर उर्फ पीपली बुड़्डाखेड़ा मीमला अकबरपुर ऊद
क्या रहेगा प्रतिबंधित?
प्रतिबंध अवधि के दौरान—
कृषि भूमि की खरीद-फरोख्त
रजिस्ट्री एवं बैनामा
लैंड यूज (भूमि उपयोग) परिवर्तन
भूमि की प्रकृति में बदलाव
बिना प्रशासनिक अनुमति के नहीं किए जा सकेंगे।
किसानों से प्रशासन की अपील
प्रशासन ने किसानों और भू-स्वामियों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह या लालच में आकर भूमि का लेन-देन न करें। किसी भी प्रकार की शंका होने पर संबंधित तहसील या जिला प्रशासन से संपर्क करें और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में सहयोग करें।
क्या होगा इस फैसले का असर?
भूमाफियाओं और अवैध जमीन कारोबार पर अंकुश लगेगा।
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पारदर्शी और विवादमुक्त होगी।
किसानों के अधिकार सुरक्षित रहेंगे।
एनएच-334ए परियोजना को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।
क्षेत्र में भविष्य में बेहतर सड़क संपर्क, व्यापार और विकास को गति मिलेगी।
पुलिस एक्शन न्यूज़ विश्लेषण
हरिद्वार-लक्सर-पुरकाजी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की आर्थिक, औद्योगिक और पर्यटन गतिविधियों को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है। ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा समय रहते भूमि खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने का निर्णय विकास कार्यों को पारदर्शी बनाने और भूमाफियाओं की सक्रियता पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। किसानों को भी सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तरह के भूमि संबंधी सौदे से पहले प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन अवश्य करें।
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