Sat. Apr 18th, 2026
नशा माफिया की अब खैर नहीं। एनडीपीसी एक्ट के अंतर्गत एसएसपी ने की बैठक। नशा कारोबारियो की संपत्ति होगी जब्त।पुलिस मुख्यालय में बैठक का आयोजन करते एसएसपी हरिद्वार
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नशा माफिया की अब खैर नहीं। एनडीपीसी एक्ट के अंतर्गत एसएसपी ने की बैठक। नशा कारोबारियो की संपत्ति होगी जब्त।

एसएसपी हरिद्वार
      फाइल फोटो- पुलिस मुख्यालय में बैठक का आयोजन करते एसएसपी हरिद्वार/

हरिद्वार/ पुलिस एक्शन न्यूज़/
NDPS एक्ट के अंतर्गत जनपद पुलिस मुख्यालय में एसएसपी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित
समस्त राजपत्रित अधिकारी व एनडीपीएस एक्ट के विवेचक रहे मौजूद
नशीली दवाइयों से संबंधित लंबित प्रकरणों में शिथिलता पाए जाने पर विवेचकों को लगाई फटकार
एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रभावी कार्यवाही करने हेतु दिए आवश्यक दिशा निर्देश
नशा तस्करों को पकड़ना ही उद्देश्य नहीं होने चाहिए, नशा कहाँ से आया कहाँ गया उसकी जड़ तक जाकर करें तहक़ीक़ात: एसएसपी/

 

पुलिस मुख्यालय में बैठक का आयोजन करते एसएसपी हरिद्वार
पुलिस मुख्यालय में बैठक का आयोजन करते एसएसपी हरिद्वार/

हरिद्वार -आज दिनांक 02/08/25 को जनपद पुलिस मुख्यालय में एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल की अध्यक्षता में एनडीपीएस एक्ट के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

इस बैठक में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत नशीली दवाइयों से संबंधित लंबित अभियोगों व वांछित अभियुक्तों के संबंध में विवेचकवार समीक्षा लेते हुए लापरवाह विवेचकों को फटकार लगाते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रभावी कार्यवाही करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।

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मीटिंग के दौरान एसएसपी डोबाल द्वारा कहा हमारा उद्देश्य सिर्फ नशा तस्करों को पकड़ना ही नहीं होना चाहिए बल्कि नशा उसके द्वारा नशा कहाँ से लाया गया किसको सप्लाई किया गया उसकी जड़ तक पहुँच कर तहक़ीक़ात करें।

ANTF की टीम सभी थानों से समन्वय बनाकर नशे के खिलाफ कठोर रणनीति बनाकर नशा कारोबारियों पर कड़ी कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया गया।

अभ्यस्त अभियुक्तों की हिस्ट्रीशीट खोलने व नशे का कारोबार कर बनाई संपति जब्तीकरण की कार्रवाई पर जोर देने हेतु निर्देशित किया गया।

संपादक/ नेपाल गिरी /पुलिस एक्शन न्यूज़/
नशा कारोबार एक गंभीर सामाजिक और कानूनी समस्या बन चुका है। इसके दुष्परिणाम न केवल युवा पीढ़ी के स्वास्थ्य पर पड़ते हैं, बल्कि यह अपराध, हिंसा और भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा देता है। पुलिस प्रशासन ने इस दिशा में सख्त कदम उठाते हुए नशा तस्करों की अवैध संपत्तियाँ जब्त की जायेंगी, यह कदम अपराधियों की आर्थिक रीढ़ तोड़ने की दिशा में अत्यंत प्रभावी सिद्ध होगा।
पुलिस और नारकोटिक्स विभाग की संयुक्त कार्रवाई में नशा कारोबार से अर्जित संपत्ति की पहचान की जाती है। इसके लिए इन्वेस्टिगेशन एजेंसियां बैंक खातों, जमीन-जायदाद, महंगी गाड़ियों और नकद रकम की गहन छानबीन करती हैं। यदि यह सिद्ध हो जाता है कि संपत्ति नशा व्यापार से अर्जित की गई है, तो उसे जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है।
संपत्ति जब्ती की यह कार्रवाई अपराधियों को कड़ा संदेश देती है कि अवैध धंधों से कमाया गया धन स्थायी नहीं होता। साथ ही यह समाज के युवाओं में यह भावना भी जाग्रत करता है कि अपराध की दुनिया का अंत शर्मनाक होता है। नशा तस्करों को जब उनके घरों से बेदखल किया जाता है और संपत्ति सरकारी कब्जे में जाती है, तो इससे कानून का डर भी पैदा होता है।
नशा कारोबार के विरुद्ध संपत्ति जब्ती का अभियान एक सकारात्मक और आवश्यक पहल है। इससे न केवल अवैध धंधों की कमर तोड़ी जाती है, बल्कि समाज में एक भय और अनुशासन का वातावरण भी निर्मित होता है। यह जरूरी है कि इस मुहिम को और व्यापक रूप से चलाया जाए ताकि आने वाली पीढ़ियाँ एक स्वस्थ, सुरक्षित और नशा-मुक्त भारत की दिशा में आगे बढ़ सकें।

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